Total Count

डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (डी आई बी डी) और उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग - डीपीआईआईटी ने देश के निवेश इकोसिस्टम में बहुभाषी पहुंच को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए|Digital India Bhashini Division (DIBD) and Department for Promotion of Industry and Internal Trade - DPIIT sign MoU to strengthen multilingual reach in the country's investment ecosystem

 

प्रविष्टि तिथि: 01 JUN 2026 6:50PM by PIB Delhi

डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (डी आई बी डी) और उद्योग तथा आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने "भाषिणी सेवा/संचालन - एक भाषिणी सहायक कार्यक्रम" के अंतर्गत देश के उद्योग और आंतरिक व्यापार इकोसिस्टम में भाषिणी प्लेटफ़ॉर्म, भारत के राष्ट्रीय भाषा डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से बहुभाषी डिजिटल क्षमताओं को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस सहयोग से सभी 22 भाषाओं में बहुभाषी पहुँच, बहुभाषी शासन और बहुभाषी सेवा वितरण को बढ़ावा देने का उद्देश्य है। इन्हें देश के संविधान की आठवीं अनुसूची के अंतर्गत मान्यता प्राप्त है और यह डीपीआईआईटी के डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लागू होगा। इससे उद्यमियों, स्टार्टअप, निवेशकों, व्यवसायों और लोगों के लिए अपनी पसंदीदा भाषाओं में जानकारी और सेवाओं तक पहुँच अधिक समावेशी बन सकेगी।

सहयोग के अंतर्गत डीपीआईआईटी और भाषिणी टीम डीपीआईआईटी प्लेटफार्मों पर बहुभाषी पहुँच सक्षम करने के लिए भाषिणी उद्यात, मित्र, ऐपमित्र और प्रवक्ता जैसी पहलों के माध्यम से काम करेंगे। साथ ही अनुवाद एपीआई एकीकरण, डोमेन-विशिष्ट भाषा मॉडल का विकास, बहुभाषी शब्दकोश निर्माण, वॉइस-एनेबल तकनीकें और भाषाई डेटा सेट भी शामिल होंगे।

यह पहल सरकार की जानकारी, स्टार्टअप और औद्योगिक सेवाओं, नीति संचार और लोगों की सहभागिता तक पहुँच में भाषा बाधाओं को कम करके अधिक समावेशी निवेश इकोसिस्टम के विकास का समर्थन करेगी।

यह सहयोग निवेश संवर्धन, औद्योगिक विकास, नवाचार और उद्यमिता से संबंधित डोमेन के लिए तैयार बहुभाषी एआई मॉडलों और भाषा प्रौद्योगिकियों को मजबूत करने पर भी केंद्रित होगा।

इससे देश के विविध भाषाई परिदृश्य में सहज वॉइस-फर्स्ट बहुभाषीय अनुभव संभव हो सके।

चर्चाओं में देश के स्टार्टअप, विनिर्माण और नवाचार इकोसिस्टम में अवसरों तक पहुँच बढ़ाने में बहुभाषी प्रौद्योगिकियों के बढ़ते महत्व पर बल दिया गया। ताकि भाषा आर्थिक विकास में भागीदारी के लिए बाधा न बने।

यह समझौता भाषा डेटा योगदान, जागरूकता पहल, क्षमता निर्माण प्रयास और डीपीआईआईटी से जुड़े संस्थानों और हितधारकों के बीच बहुभाषी एआई उपकरणों के व्यापक अपनाने को और प्रोत्साहित करेगा।

सहयोग के हिस्से के रूप में डीपीआईआईटी और डी आई बी डी मिलकर उन विशिष्ट पहलों का पता लगा सकते हैं और उनका समर्थन कर सकते हैं, जो बहुभाषी डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने, और निवेशइकोसिस्टम में सेवाओं तक पहुंच का विस्तार करने के लक्ष्य से जुड़ी हों।

यह साझेदारी भाषिणी की भूमिका को और मजबूत करती है। यह देश की जनसंख्या स्तर की भाषा अवसंरचना के रूप में समावेशी, सुलभ और एआई-संचालित डिजिटल शासन के लिए कार्य करती है, साथ ही देश के आर्थिक विकास, उद्यमिता और निवेश संवर्द्धन में व्यापक भागीदारी के दृष्टिकोण का समर्थन करती है।

डिजिटल इंडिया भाषिणी विभाग (डी आई बी डी) के बारे में:

डिजिटल इंडिया भाषिणी डिविजन, डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत देश की राष्ट्रीय पहल है। यह एआई-संचालित बहुभाषी डिजिटल समावेशन और भाषा प्रौद्योगिकी के लिए है। नेशनल हब फॉर लैंग्वेज टेक्नोलॉजी के माध्यम से, भाषिणी शासन, सार्वजनिक प्लेटफ़ॉर्म और संस्थाओं के लिए भारतीय भाषाओं में स्केलेबल स्पीच और टेक्स्ट-आधारित एआई सेवाओं को सक्षम बनाता है। यह प्लेटफ़ॉर्म 800 से अधिक सरकारी वेबसाइट्स को संचालित करता है। प्रतिदिन डेढ़ करोड़ से अधिक इनफरेंस प्रोसेस करता है और 36 भारतीय टेक्स्ट भाषाओं, 23 भारतीय वॉयस भाषाओं, और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का समर्थन करता है। डी आई बी डी ओपन-सोर्स नवोन्मेष, बहुभाषी एआई अनुसंधान, डेटा सेट निर्माण, स्टार्टअप सशक्तिकरण, और शैक्षणिक सहयोग को भी बढ़ावा देता है। इससे देश के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना इकोसिस्टम को मजबूत किया जाता है।