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रक्षा खरीद, आईडेक्स, टीपीसीआर और परीक्षण प्रक्रियाओं पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप्स के लिए कार्यशाला आयोजित की जाएगी|A workshop will be organized for Micro, Small and Medium Enterprises (MSMEs) and startups on defence procurement, iDEX, TPCR, and testing procedures.

 

प्रविष्टि तिथि: 10 JUN 2026 10:43AM by PIB Delhi

रक्षा खरीद, रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (आईडेक्स), प्रौद्योगिकी परिप्रेक्ष्य क्षमता रोडमैप (टीपीआरसी) और एमएसएमई एवं स्टार्ट-अप्स के लिए परीक्षण प्रक्रियाओं पर 11 और 12 जून, 2026 को दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला का आयोजन स्वदेशीकरण निदेशालय, एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय (एचक्यू आईडीएस) और संयुक्त युद्ध अध्ययन केंद्र (सीईएनजेओडब्ल्यूएस) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) एवं स्टार्ट-अप्स जागरूकता बढ़ाना और रक्षा इकोसिस्टम में उनकी अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

यह आयोजन उद्योग प्रतिनिधियों को रक्षा खरीद प्रक्रियाओं, स्वदेशीकरण पहलों, आईडेक्स ढांचे, परीक्षण और प्रमाणन प्रक्रियाओं तथा टीपीसीआर के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए एक संवादात्मक मंच प्रदान करेगा। मुख्यालय आईडीएस, सेवा मुख्यालय, डीजीक्यूए, आईडेक्स-डीआईओ और अन्य हितधारक संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों के दौरान प्रतिभागियों के साथ बातचीत करेंगे।

उद्घाटन सत्र को एकीकृत रक्षा स्टाफ (नीति नियोजन एवं बल विकास) के उप प्रमुख एयर मार्शल प्रवीण केशव वोहरा और सीईएनजेओडब्ल्यूएस के महानिदेशक मेजर जनरल डॉ.अशोक कुमार (सेवानिवृत्त) संबोधित करेंगे। प्रथम दिन के सत्रों में रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया, खरीद श्रेणियां, राजस्व खरीद मापदंड, स्वदेशीकरण सुधार, सृजन पोर्टल, आयात प्रतिस्थापन मानचित्रण और बौद्धिक संपदा अधिकारों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

दूसरे दिन आईडेक्स पहलों, प्रोटोटाइप विकास, परीक्षण और मूल्यांकन प्रक्रियाओं, प्रमाणन प्रणालियों, उपयोगकर्ता परीक्षणों, पर्यावरणीय परीक्षण, अनुसंधान एवं विकास में डीआरडीओ की भूमिका और प्रौद्योगिकी तत्परता स्तरों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। टीपीसीआर पर एक विशेष सत्र और पूंजीपतियों के साथ एक पैनल चर्चा भी आयोजित की जाएगी।

इस कार्यशाला का उद्देश्य चर्चाओं और विशेष प्रश्नोत्तर सत्रों के माध्यम से उद्योग जगत के प्रतिभागियों द्वारा व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करना है। इस पहल से रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता की दिशा में चल रहे प्रयासों को और मजबूती मिलने और रक्षा बलों तथा भारतीय उद्योग के बीच घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।