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प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक सेवा को सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी और जनता का विश्वास अर्जित करने के माध्यम को दर्शाने वाले संस्कृत सुभाषितम को साझा किया|The Prime Minister shared a Sanskrit *Subhashitam* that highlights public service as the ultimate test of good governance and a means to earn the public's trust.

 

प्रविष्टि तिथि: 10 JUN 2026 11:00AM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज संस्कृत में एक सुभाषितम साझा किया जिसका अर्थ है कि लोक सेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो व्यक्ति विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करता है, वही जनविश्वास अर्जित करता है।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा:

"जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनविश्वास अर्जित करता है।

सदानुरक्तप्रकृतिः प्रजापालनतत्परः।
विनीतात्मा हि नृपतिर्भूयसी श्रियमश्नुते॥"

एक जन प्रतिनिधि जो सेवा को एक पवित्र कर्तव्य मानता है, जनता के कल्याण के लिए अथक परिश्रम करता है, सुशासन के माध्यम से उनकी सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करता है और विनम्रता, आत्म-अनुशासन एवं विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ समाज की प्रगति की दिशा में समर्पित रहता है, वही वास्तव में जनता का विश्वास, सम्मान, मान्यता और समृद्धि अर्जित करता है।