देशभर में लाखों उपभोक्ताओं के लिए बिजली वितरण सेवाएं अब शुरू हो गई हैं
डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत भारत का प्रमुख डिजिटल डॉक्यूमेंट वॉलेट, डिजिलॉकर, देश भर में 68 विद्युत वितरण कंपनियों (डीआईएसकॉम) और विद्युत विभागों को सफलतापूर्वक अपने साथ जोड़ चुका है।
इस महत्वपूर्ण एकीकरण से 35 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बिजली उपभोक्ता डिजिलॉकर ऐप में अपने डिजिटल बिजली बिलों को सुरक्षित रूप से देख सकेंगे, जिससे आवश्यक उपयोगी दस्तावेजों के प्रबंधन में अधिक सुविधा, सुगमता और दक्षता आएगी। इसमें राज्य बिजली वितरण कंपनियां, नगर निगम बिजली विभाग और निजी वितरण कंपनियां शामिल हैं, जो देशभर में लाखों उपभोक्ताओं को सेवा प्रदान करती हैं।
डिजिलॉकर के माध्यम से बिजली बिल उपलब्ध कराकर, उपभोक्ता जब चाहें अपने नवीनतम बिल डिजिटल रूप में प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें ईमेल देखने की जरूरत नहीं होगी, बिल की प्रतियां रखने या सेवा प्रदाता के कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं रहती। यह एकीकरण सुनिश्चित करता है कि उपभोक्ताओं को एक सुरक्षित और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने संबंधित बिजली सेवा प्रदाताओं से जारी किए गए दस्तावेज़ों तक पहुंच प्राप्त हो।
डिजिलॉकर पर अपना बिजली बिल कैसे देखें , इस बारे में चरण-दर-चरण वीडियो गाइड देखने के लिए , यहां क्लिक करें: https://www.youtube.com/watch?v=s8zl_kK_1sk
प्रमुख सार्वजनिक और निजी उपयोगिताएँ अब डिजिलॉकर पर उपलब्ध हैं:
- दक्षिणाचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
- मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
- पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
- बैंगलोर विद्युत आपूर्ति कंपनी लिमिटेड
- दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम
- झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड
- बीएसईएस राजधनी पावर लिमिटेड
- बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड
- चंडीगढ़ विद्युत वितरण लिमिटेड
- नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड और अन्य।
भारत के डिजिटल यूटिलिटी इकोसिस्टम को मजबूत बनाना:
68 बिजली कंपनियों का जुड़ना, डिजीलॉकर के उन प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिनके तहत नागरिकों के आवश्यक दस्तावेजों को एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है। जैसे-जैसे डिजीलॉकर अपने विश्वसनीय जारीकर्ताओं के इकोसिस्टम का विस्तार करेगा, नागरिकों को सरकार और बिजली कंपनियों द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों तक आसान पहुंच का लाभ मिलेगा, जबकि संगठनों को सुव्यवस्थित डिजिटल सेवा वितरण से लाभ होगा।


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