प्रविष्टि तिथि: 15 JUN 2026 4:00PM by PIB Delhi
शहरी महिलाओं के श्रम बल भागीदारी दर में स्थिरता बनी हुई है। शहरी श्रमिक जनसंख्या अनुपात-डब्ल्यूपीआर में व्यापक स्थिरता है। शहरी बेरोजगारी दर एक साल के निचले स्तर पर आ गया है।
झलकियां:
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प्रस्तावना
केन्द्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय-एनएसओ, द्वारा आयोजित आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) जनसंख्या की भागीदारी गतिविधि और रोजगार एवं बेरोजगारी की स्थिति पर आंकड़ों का प्राथमिक स्रोत है। देश के लिए श्रम बल संकेतकों के मासिक और त्रैमासिक अनुमान प्रदान करने के लिए जनवरी 2025 से पीएलएफएस सर्वेक्षण पद्धति में संशोधन किया गया है।
पीएलएफएस के मासिक परिणाम मासिक बुलेटिन के रूप में जारी किए जाते हैं। इसमें पूरे देश के स्तर पर श्रम बल सहभागिता दर (एलएफपीआर), श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) और बेरोजगारी दर (यूआर) जैसे प्रमुख श्रम बाजार संकेतकों का वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (सीडब्ल्यूएस) का अनुमान प्रस्तुत किया जाता है।
अप्रैल 2025 से अप्रैल 2026 तक के मासिक बुलेटिन पहले ही जारी किए जा चुके हैं। मई 2026 का यह मासिक बुलेटिन इस श्रृंखला का चौदहवां बुलेटिन है।
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1. किसी व्यक्ति की गतिविधि की स्थिति का निर्धारण निर्दिष्ट संदर्भ अवधि के दौरान उसकी गतिविधियों के आधार पर किया गया है। सर्वेक्षण की तिथि से पहले के पिछले 7 दिनों की संदर्भ अवधि के आधार पर निर्धारित गतिविधि की स्थिति व्यक्ति की वर्तमान साप्ताहिक स्थिति (सीडब्ल्यूएस) के रूप में मानी गई है।
वर्तमान साप्ताहिक स्थिति-सीडब्ल्यूएस के बाद 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए प्रमुख निष्कर्ष:
- श्रम बल सहभागिता दर (एलएफपीआर) में मामूली गिरावट आई है:
15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए श्रम बल सहभागिता दर (एलएफपीआर) मई 2026 में 54.4 प्रतिशत रही, जबकि अप्रैल 2026 में यह 55.0 प्रतिशत थी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में, श्रम बल भागीदारी दर क्रमशः 56.6 प्रतिशत और 49.8 प्रतिशत दर्ज की गई।
पिछले वर्ष की तुलना से पता चलता है कि मई 2026 में समग्र एलएफपीआर में 0.4 प्रतिशत अंकों की गिरावट आई है। इसी अवधि में ग्रामीण और शहरी एलएफपीआर में भी क्रमशः 0.3 और 0.6 प्रतिशत अंकों की गिरावट दर्ज की गई।

मई 2026 में एलएफपीआर 54.4 प्रतिशत था, जबकि मई 2025 में यह 54.8 प्रतिशत था। |
- शहरी क्षेत्रों में महिला श्रम बल की भागीदारी मोटे तौर पर स्थिर है:
मई 2026 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग की महिलाओं की श्रम बल सहभागिता दर (एलएफपीआर) 32.8 प्रतिशत रही। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की एलएफपीआर 36.7 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह पिछले महीने की तुलना में लगभग 24.8 प्रतिशत के स्तर पर बनी रही।
मई 2025 की तुलना में, कुल महिला -श्रम बल सहभागिता दर-एलएफपीआर में मामूली 0.4 प्रतिशत अंकों की गिरावट आई, जो मई 2026 में 33.2 प्रतिशत से घटकर 32.8 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण महिलाओं का एलएफपीआर लगभग अपरिवर्तित रहा, जबकि शहरी महिलाओं के एलएफपीआर में एक वर्ष में 0.5 प्रतिशत अंकों की गिरावट दर्ज की गई।

शहरी क्षेत्रों में महिला श्रम बल की भागीदारी पिछले महीने की तुलना में स्थिर बनी रही। |
- शहरी डब्ल्यूपीआर में काफी हद तक कोई बदलाव नहीं हुआ :
15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) में मई 2025 और मई 2026 के बीच ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में 0.3 प्रतिशत अंकों की मामूली गिरावट दर्ज की गई। कुल डब्ल्यूपीआर मई 2026 में 51.4 प्रतिशत अनुमानित किया गया, जबकि अप्रैल 2026 में यह 52.2 प्रतिशत और मई 2025 में 51.7 प्रतिशत था। ग्रामीण क्षेत्रों में, श्रमिक जनसंख्या अनुपात मई 2026 में 53.8 प्रतिशत रहा, जबकि अप्रैल 2026 में यह 54.9 प्रतिशत था। शहरी क्षेत्रों में डब्ल्यूपीआर मई 2026 में अनुमानित 46.6 प्रतिशत रहा, जबकि अप्रैल 2026 में यह 46.8 प्रतिशत था।



मई 2026 में शहरी श्रमिक जनसंख्या अनुपात लगभग 46.6 प्रतिशत पर स्थिर रहा। |
- विभिन्न क्षेत्रों में बेरोजगारी दर ने मिश्रित स्वरूप प्रदर्शित किया:
मई 2026 में, ग्रामीण बेरोजगारी दर अप्रैल 2026 के 4.6 प्रतिशत से मामूली रूप से बढ़कर 5.1 प्रतिशत हो गया, जबकि शहरी बेरोजगारी दर इसी अवधि में 6.6 प्रतिशत से घटकर 6.4 प्रतिशत हो गया। मई 2026 में कुल शहरी बेरोजगारी दर अनुमानित 5.5 प्रतिशत रहा।
मई 2025 की तुलना में, शहरी शहरी बेरोजगारी दर 6.9 प्रतिशत से घटकर 6.4 प्रतिशत हो गई, जो मई 2026 में 0.5 प्रतिशत अंकों की कमी दर्शाती है। कुल शहरी बेरोजगारी दर स्थिर रही, जबकि ग्रामीण बेरोजगारी दर इसी अवधि में 5.1 प्रतिशत के समान स्तर पर बनी रही।



शहरी बेरोजगारी दर का स्तर मई 2025 के बाद से सबसे निचले स्तर पर दर्ज किया गया। |
श्रम बल भागीदारी दर और श्रमिक जनसंख्या अनुपात भागीदारी दर सामान्य रहना और बेरोजगारी दर वृद्धि से पता चलता है कि इस अवधि के दौरान श्रम बाजार की स्थिति में नरमी आई है। श्रम बल भागीदारी में मामूली गिरावट के बावजूद, रोजगार के अवसरों में तेजी से कमी आई, जिससे श्रम बल में बेरोजगार व्यक्तियों का अनुपात बढ़ गया। श्रम बाजार संकेतकों में गिरावट मई 2026 के दौरान आर्थिक गतिविधि में कमी और इस काल में कामकाजी गतिविधियों में सुस्ती से संबंधित हो सकती है।
अखिल भारतीय स्तर पर, मासिक अनुमान कुल 3,73,887 व्यक्तियों के सर्वेक्षण से एकत्रित जानकारी पर आधारित हैं। | |
ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वेक्षण किए गए व्यक्ति 2,13,294 | शहरी क्षेत्रों में सर्वेक्षण किए गए व्यक्ति 1,60,593 |
मई 2026 का मासिक बुलेटिन मंत्रालय की वेबसाइट ( https://www.mospi.gov.in ) पर उपलब्ध है। | केन्द्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के प्रकाशनों/रिपोर्टों तक पहुंचने के लिए QR कोड स्कैन करें।
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