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खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने जीवंत ग्राम कार्यक्रम के अंतर्गत लद्दाख के सीमावर्ती गांवों का तीन दिवसीय दौरा पूरा किया; उन्होंने युवाओं, आईटीबीपी कर्मियों और स्थानीय समुदायों के साथ बातचीत की|Minister of State for Sports Raksha Khadse concluded a three-day visit to border villages in Ladakh under the Vibrant Villages Programme; she interacted with the youth, ITBP personnel, and local communities.

 


रणनीतिक सीमांत यात्रा का केंद्रबिंदु बने युवा सशक्तिकरण, सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास और राष्ट्रीय एकीकरण

प्रविष्टि तिथि: 13 JUN 2026 2:37PM by PIB Delhi

युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसे ने जीवंत ग्राम कार्यक्रम के अंतर्गत 11 से 13 जून, 2026 तक लद्दाख के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों का तीन दिवसीय दौरा सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस दौरे में भारत सरकार की युवा भागीदारी, सामुदायिक सहयोग और अंतिम छोर तक विकास के माध्यम से सीमावर्ती गांवों को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता पर बल दिया गया, साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों के साथ समन्वय को भी मजबूत किया गया।

इस यात्रा ने युवाओं की भागीदारी को जुटाने, नेतृत्व को पोषित करने और सुदूर सीमावर्ती क्षेत्रों में युवा नागरिकों के लिए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान करने के अवसर पैदा करने में मॉय भारत की बढ़ती भूमिका को भी उजागर किया।


इस यात्रा के दौरान मंत्री जी के साथ श्रीमती तजमुल आरा, राज्य निदेशक, मॉय भारत; श्री नीतीश राजोरा, आईएएस, उपायुक्त, चांगथांग; श्री ताशी नामग्याल, डीआईजी, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी); श्री प्रियांजन, उप कमानंत, आईटीबीपी; और अन्य वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

हॉल ऑफ फेम में भारत के वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि

यह यात्रा 11 जून को लेह स्थित प्रतिष्ठित हॉल ऑफ फेम के दर्शन के साथ शुरू हुई। श्रीमती रक्षा खडसे ने राष्ट्र की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारत के सशस्त्र बलों द्वारा प्रदर्शित साहस, अनुशासन और देशभक्ति प्रत्येक नागरिक को प्रेरित करती है और राष्ट्र के संकल्प को मजबूत करती है।



 

मंत्री ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारत की सीमाओं की रक्षा करने में सशस्त्र बलों की वीरता, बलिदान और परिचालन संबंधी उपलब्धियों को दर्शाने वाली प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया।

हेम्या गांव में युवाओं की सहभागिता और सामुदायिक सहभागिता

12 जून को श्रीमती रक्षा खडसे ने सीमावर्ती गांव हेम्या का दौरा किया, जहां मॉय भारत के तत्वावधान में उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों द्वारा जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जो लद्दाख की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को प्रदर्शित करती हैं।

 

वाइब्रेंट विलेज पहल से जुड़े युवा प्रतिभागियों ने सीमावर्ती गांवों में विकास के अवसरों को मजबूत करने के लिए अपने अनुभव, आकांक्षाएं और विचार साझा किए। इस संवाद ने स्थानीय दृष्टिकोण को समझने और सामुदायिक विकास और राष्ट्र निर्माण के प्रयासों में युवाओं की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।



 

इस अवसर पर श्रीमती रक्षा खडसे ने सामुदायिक विकास, युवा भागीदारी और राष्ट्रीय एकता में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए डीआईजी आईटीबीपी श्री ताशी नामग्याल, डिप्टी कमांडेंट श्री प्रियांजन, ग्राम सरपंच और स्थानीय कलाकारों को सम्मानित किया।

 

मंत्री ने गांव के सरपंच के आवास पर मॉय भारत के स्वयंसेवकों, युवा प्रतिभागियों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों के साथ अनौपचारिक रूप से बातचीत भी की, जहां चर्चा युवा सशक्तिकरण, कौशल विकास, खेल भागीदारी और समुदाय-नेतृत्व वाले विकास के अवसरों पर केंद्रित थी।

आईटीबीपी कर्मियों के साथ विशेष बातचीत

ग्राम कार्यक्रम के बाद, श्रीमती रक्षा खडसे ने आईटीबीपी शिविर का दौरा किया और क्षेत्र में तैनात अधिकारियों और कर्मियों से बातचीत की। हिमवीरों को संबोधित करते हुए, उन्होंने देश के कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण परिचालन वातावरणों में बल के असाधारण समर्पण, दृढ़ता और सेवा की प्रशंसा की।



 

उन्होंने कहा कि आईटीबीपी का योगदान सीमा सुरक्षा से परे है और विकास पहलों को समर्थन देने, संपर्क को सुगम बनाने और सीमावर्ती समुदायों में विश्वास मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मंत्री ने दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों में जीवंत ग्राम कार्यक्रम और अन्य विकासात्मक प्रयासों के सफल कार्यान्वयन में बल के सक्रिय सहयोग की भी प्रशंसा की।

थिकसे मठ की यात्रा

यात्रा के अंतिम दिन, 13 जून को, मंत्री ने पूजनीय थिकसे मठ का दौरा किया और सुबह की प्रार्थना में भाग लिया। उन्होंने मठवासी समुदाय के सदस्यों से बातचीत की और राष्ट्र की शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की।

मंत्री का संदेश

यात्रा के समापन पर श्रीमती रक्षा खडसे ने कहा:

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत के सीमावर्ती गाँव राष्ट्र के अग्रणी गाँवों और विकास के द्वार के रूप में उभर रहे हैं। खेल, कौशल विकास, सामुदायिक भागीदारी और राष्ट्र निर्माण की पहलों के माध्यम से इन सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को सशक्त बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बनी हुई है। हमारे युवाओं की ऊर्जा और हमारे सुरक्षा बलों का समर्पण, विकसित भारत @2047 के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने आगे कहा:

हमारे सीमावर्ती गांवों के युवा केवल विकास के लाभार्थी ही नहीं हैं; वे एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार हैं। मॉय भारत और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम जैसी पहलों के माध्यम से, हम ऐसे अवसर पैदा कर रहे हैं जो उन्हें राष्ट्र की प्रगति में सार्थक योगदान देने में सक्षम बनाते हैं।


 

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के बारे में

जीवंत ग्राम कार्यक्रम भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य उन्नत बुनियादी ढांचे, आजीविका के अवसरों, संपर्क, सार्वजनिक सेवाओं और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से उत्तरी सीमावर्ती गांवों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। यह कार्यक्रम सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को मजबूत करते हुए समावेशी विकास सुनिश्चित करने का प्रयास करता है।

तीन दिवसीय इस यात्रा ने स्थानीय समुदायों, युवा संगठनों, नागरिक प्रशासन और सुरक्षा बलों को एक साथ लाकर सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के प्रति सरकार के एकीकृत दृष्टिकोण को प्रदर्शित किया। इसने दूरस्थ क्षेत्रों के युवा नागरिकों को राष्ट्रीय विकास एजेंडा और विकसित भारत-2047 के विजन से जोड़ने के लिए एक सशक्त मंच के रूप में 'मॉय भारत' की भूमिका को भी सशक्‍त बनाया।