Total Count

21 जून को मनाए जाने वाले 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' के मौके पर, 'खादी इंडिया' ने 'स्वधा' वेलनेस वियर कलेक्शन लॉन्च किया|On the occasion of 'International Yoga Day', celebrated on June 21, 'Khadi India' launched the 'Swadha' wellness wear collection.

 


'खादी उत्कृष्टता केंद्र' (सीओईके) के द्वारा तैयार 'स्वधा' वेलनेस वियर कलेक्शन को केवीआईसी चेयरमैन श्री मनोज गोयल ने लॉन्च किया

"योग और खादी, दोनों ही भारतीय जीवन दर्शन और एक स्वस्थ, संतुलित जीवनशैली के प्रतीक हैं": केवीआईसी चेयरमैन

प्रविष्टि तिथि: 12 JUN 2026 10:02PM by PIB Delhi

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के चेयरमैन श्री मनोज गोयल ने शुक्रवार को 'स्वधा' नाम से एक विशेष वेलनेस वियर कलेक्शन पेश किया है। खादी उत्कृष्टता केंद्र (सीओईके) द्वारा निर्मित, यह संग्रह आधुनिक परिधान शैलियों के साथ योग, स्वास्थ्य और संतुलित जीवन की भारतीय अवधारणाओं को मिश्रित करने का एक अभिनव प्रयास है। यह लॉन्च समारोह केवीआईसी के सहयोग से नई दिल्ली के हौज खास में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईएफटी) परिसर में खादी उत्कृष्टता केंद्र (सीओईके) के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित किया गया था।

इस मौके पर केवीआईसी के चेयरमैन श्री मनोज गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2014 में घोषित 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' हर साल 21 जून को दुनिया भर में मनाया जाता है। यह दिन योग की प्राचीन भारतीय परंपरा का जश्न मनाता है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच तालमेल बिठाकर संपूर्ण स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देती है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए, आने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए 'स्वधा' वेलनेस वियर कलेक्शन तैयार किया गया है, जिसमें भारत की दो महत्वपूर्ण विरासतों - योग और खादी - को एक साथ पिरोया गया है।

श्री गोयल ने कहा कि पूज्य बापू की विरासत 'खादी' सिर्फ एक कपड़ा नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता, स्वदेशी भावना, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण सशक्तिकरण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि 'स्वधा' वेलनेस वियर कलेक्शन दो महान भारतीय परंपराओं - योग और खादी - का एक बेहतरीन मेल है। उन्होंने समझाया कि 'स्वधा' शब्द अथर्ववेद से लिया गया है और इसका अर्थ है सुगमता, आराम और आध्यात्मिक संतुष्टि। इसी सोच पर आधारित यह कलेक्शन सादगी, आराम और हर स्थिति में ढलने की खूबी को प्राथमिकता देता है। इसे आधुनिक जीवनशैली की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जिससे यह योग करने और रोजमर्रा के इस्तेमाल, दोनों के लिए उपयुक्त है।

इस कलेक्शन में नौ अलग-अलग तरह के कपड़े शामिल हैं, जिन्हें आसानी से हिलने-डुलने और पूरे दिन आराम देने के लिए बनाया गया है। ज्यादातर कपड़े 'फ्री-साइज' और 'जेंडर-न्यूट्रल' (स्त्री-पुरुष दोनों के लिए उपयुक्त) हैं। इन कपड़ों में इस्तेमाल किया गया खादी का फैब्रिक हवादार, हल्का, मुलायम और प्राकृतिक आराम देने वाला होने के कारण 'वेलनेस वियर' (आरामदायक कपड़ों) के लिए बहुत अच्छा है। 'स्वधा' कलेक्शन में तीन नामी संस्थाओं -गांधीग्राम खादी एंड वी.आई. पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट (तमिलनाडु), पय्यानूर फिरका ग्रामोदय खादी संघ (केरल) और क्षेत्रीय पंजाब खादी मंडल (पंजाब)- की खादी का इस्तेमाल किया गया है।

केवीआईसी के चेयरमैन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल', 'आत्मनिर्भर भारत' और 'लोकल टू ग्लोबल' के विजन ने खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र में नई ऊर्जा और एक नई पहचान का संचार किया है। इस क्षेत्र ने 2025-26 वित्त वर्ष में 1.87 लाख करोड़ की रिकॉर्ड बिक्री करके इतिहास रचा। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय देश भर के लाखों कारीगरों, बुनकरों, ग्रामीण उद्यमियों और खादी संस्थानों के सामूहिक प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने अब 2.51 लाख करोड़ का महत्वाकांक्षी टर्नओवर लक्ष्य तय किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह क्षेत्र 'विकसित भारत' के निर्माण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। श्री गोयल ने यह भी बताया कि अभी खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र देश भर में लगभग 2.04 करोड़ लोगों को रोजगार दे रहा है।

यह ध्यान देने वाली बात है कि खादी उत्कृष्टता केंद्र (सीओईके) की स्थापना 2021 में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईएफटी) के सहयोग से की गई थी। यह केंद्र डिजाइन नवाचार, ब्रांड विकास और बाजार की जरूरतों के हिसाब से बदलावों के जरिए खादी को आधुनिक बनाने और आज के ग्राहकों के लिए इसे ज़्यादा प्रासंगिक बनाने के लिए समर्पित है। 'स्वधा' वेलनेस वियर कलेक्शन इस पहल का एक अहम नतीजा है, जो सेहत, परंपरा और सस्टेनेबल जीवनशैली के मूल्यों को एक साथ लाता है।

इस मौके पर केवीआईसी, सीओईके और एनआईएफटी के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।