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कोयला मंत्रालय 18 जून 2026 को मुंबई में सरफेस कोल/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं पर तीसरा रोडशो आयोजित करेगा|The Ministry of Coal will organize the third roadshow on surface coal/lignite gasification projects in Mumbai on June 18, 2026.

 

प्रविष्टि तिथि: 17 JUN 2026 12:42PM by PIB Delhi

कोयला मंत्रालय 18 जून, 2026 को मुंबई में सरफेस कोल/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने की योजना पर तीसरा रोडशो का आयोजन करने जा रहा है। इससे हितधारकों की सहभागिता और बढ़ेगी एवं भारत के कोयला गैसीकरण अभियान में उद्योग की भागीदारी में तेजी आएगी। नई दिल्ली और हैदराबाद में आयोजित पिछले रोडशो को मिली उत्साहजनक सराहना के बाद मुंबई रोडशो में प्रमुख उद्योग हितधारकों, निवेशकों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, नीति निर्माताओं, कोयला क्षेत्र के प्रतिनिधियों, वित्तीय संस्थानों और राज्य सरकार के अधिकारियों के एक साथ आने की उम्मीद है ताकि कोयला गैसीकरण के उभरते अवसरों पर विचार-विमर्श किया जा सके और कोयला संसाधनों के स्वच्छ और अधिक टिकाऊ उपयोग के राष्ट्र के दृष्टिकोण का समर्थन किया जा सके।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहेंगे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस विशेष अतिथि, जबकि कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे विशिष्ट अतिथि होंगे। कोयला मंत्रालय के सचिव श्री विक्रम देव दत्त, अपर सचिव श्री सनोज कुमार झा और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, आयातित महत्वपूर्ण कच्चे माल पर निर्भरता कम करने, घरेलू कोयला संसाधनों में मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने और संबंधित उद्योगों के विकास में सहयोग देने की रणनीति में कोयला गैसीकरण एक प्रमुख स्तंभ के रूप में उभर रहा है। कोयले को संश्लेषण गैस (सिन्गैस) में परिवर्तित करके, कोयला गैसीकरण मेथनॉल, यूरिया, अमोनियम नाइट्रेट, सिंथेटिक प्राकृतिक गैस और अन्य रासायनिक कच्चे माल सहित कई मूल्यवर्धित उत्पादों के उत्पादन को सुगम बनाता है, जिससे औद्योगिक विकास और आयात प्रतिस्थापन के नए रास्ते खुलते हैं।

सरकार ने कोयला गैसीकरण की अपार संभावनाओं को देखते हुए सरफेस कोल/लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 46,000 करोड़ रुपए की एक पहल को मंजूरी दी है। इस पहल का उद्देश्य देशभर में कोयला गैसीकरण परियोजनाओं की स्थापना में तेजी लाना, रणनीतिक औद्योगिक और रासायनिक उत्पादों के उत्पादन के लिए घरेलू कोयले के उपयोग को प्रोत्साहित करना, प्राकृतिक गैस, मेथनॉल, अमोनिया और अन्य महत्वपूर्ण कच्चे माल पर आयात निर्भरता को कम करना और औद्योगिक विकास एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हुए भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।

मंत्रालय ने व्यापक स्तर पर हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करने और कार्यान्वयन में पारदर्शिता लाने के प्रस्ताव के लिए अनुरोध (आरएफपी) को सार्वजनिक डोमेन में रखा है और हितधारकों से टिप्पणियां तथा सुझाव आमंत्रित किए हैं।

यह रोडशो भारत के विशाल कोयला संसाधनों को औद्योगिक नवाचार, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास के उत्प्रेरक के रूप में परिवर्तित करने के लिए मंत्रालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। मंत्रालय साझेदारी को बढ़ावा देकर निवेश को प्रोत्साहित करके और उन्नत प्रौद्योगिकियों को अपनाने में सक्षम बनाकर  एक मजबूत कोयला गैसीकरण इकोसिस्‍टम का मार्ग प्रशस्त कर रहा है जो आत्मनिर्भर भारत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण की दिशा में राष्ट्र की यात्रा का समर्थन करेगा।